सुधीर रंजन सिंह की मोक्षधरा : कवि का मोक्ष कविता है

“एलियट ने कहा था कि अच्छी कविता समझ में आने से पहले ही अपना संवाद स्थापित करने में सक्षम होती है। सुधीर रंजन सिंह की कविताओं में अक्सर यही बात दिखाई पड़ती है,” सौरभ राय लिखते हैं।

नीरज घेवन की मसान : कभी-कभी ज़िंदगी अचानक से धप्पा भी दे देती है

“मसान कहती है कि जीवन में कुछ भी हो, चाहे कितना भी बड़ा या बुरा, वो जीवन से बड़ा नहीं हो सकता,” नीरज पांडेय लिखते हैं।