एल्विन पैंग की कविताएँ : बारिश और जैज़ का संगीत

“पैंग की कविताएँ बेचैन करती हैं। कवि अपने शहरी जीवन का उत्सव मनाता है और इसी उत्सव की उत्सुकता हमारे एलियनेट होते चले जा रहे समाज की आस्था को ललकारती है,” सौरभ राय लिखते हैं।

सुधीर रंजन सिंह की मोक्षधरा : कवि का मोक्ष कविता है

“एलियट ने कहा था कि अच्छी कविता समझ में आने से पहले ही अपना संवाद स्थापित करने में सक्षम होती है। सुधीर रंजन सिंह की कविताओं में अक्सर यही बात दिखाई पड़ती है,” सौरभ राय लिखते हैं।

केदारनाथ सिंह की कविता ‘हॉकर’: वर्ग की प्रेमिका कौन है?

“प्रेम अराजनैतिक भी हो सकता है क्या? यहाँ तक कि स्त्री-पुरुष संबंध राजनैतिक है, फिर किसी समाज व्यवस्था से प्रेम, एक बेहतर कल का सपना, एक बेहतर व्यवस्था की चाह, भुखमरी-बेरोजगारी से छुटकारा कैसे अराजनैतिक होगा?” आशु लिखते हैं।