नीरज घेवन की मसान : कभी-कभी ज़िंदगी अचानक से धप्पा भी दे देती है

“मसान कहती है कि जीवन में कुछ भी हो, चाहे कितना भी बड़ा या बुरा, वो जीवन से बड़ा नहीं हो सकता,” नीरज पांडेय लिखते हैं।